Bengaluru Murder Case: 'ना' सुनने की खौफनाक सजा! 19 साल के लड़के ने Software Engineer की जान ली, फिर सबूत मिटाने के लिए घर में लगा दी आग
Bengaluru Crime: Teenager kills 34-year-old software engineer Sharmila Kushalappa after rejection, then sets her flat on fire.
यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश और बेरहम कत्ल था। इस वारदात को अंजाम देने वाला कोई प्रोफेशनल मुजरिम नहीं, बल्कि पड़ोस में रहने वाला एक टीनएज स्टूडेंट (Teenager) है।
क्या है पूरी घटना? (Subramanya Layout, Ramamurthynagar
Incident)
यह दर्दनाक वाकया 3 जनवरी की रात का है। Subramanya Layout स्थित एक रेंटेड अपार्टमेंट में Sharmila Kushalappa रहा करती थीं। रात करीब 10:30 बजे बिल्डिंग के मालिक ने देखा कि Sharmila के दो बेडरूम वाले फ्लैट से धुआं निकल रहा है। दरवाजा अंदर से लॉक था।
घबराए हुए मकान मालिक ने तुरंत फायर डिपार्टमेंट (Fire Department) को कॉल किया। फायर फाइटर्स ने दरवाजा तोड़कर आग बुझाई, तो किचन के पास Sharmila Kushalappa बेहोश मिलीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' (Brought Dead) घोषित कर दिया।
शुरुआत में लगा 'एक्सीडेंट', फिर खुला राज
शुरुआती जांच में सबको यही लगा कि शायद दम घुटने (Smoke Inhalation) की वजह से Sharmila की मौत हुई है। Police भी इसे एक एक्सीडेंटल फायर मानकर चल रही थी। लेकिन जब Postmortem Report और Forensic Evidence सामने आए, तो Police की शक की सुई घूम गई।
रिपोर्ट में पता चला कि आग लगने से पहले Sharmila के शरीर पर चोट के निशान थे और उनके साथ हिंसा की गई थी। यह आग कुदरती नहीं थी, बल्कि सबूत मिटाने के लिए जानबूझकर लगाई गई थी।
रिजेक्शन बना कत्ल की वजह (The Motive)
Bengaluru
Police ने जब टेक्निकल सर्विलांस और पड़ोसियों से पूछताछ शुरू की, तो एक किशोर पड़ोसी (Teenage Neighbour) पर शक गहरा गया। पूछताछ में जो खुलासा हुआ वो डराने वाला है।
Police के मुताबिक, आरोपी लड़का Sharmila Kushalappa को पसंद करता था और उसने उनके सामने दोस्ती या रिश्ते का प्रस्ताव रखा था। Sharmila की उम्र उससे लगभग दोगुनी थी, उन्होंने इस 'एडवांस' को सिरे से खारिज (Reject) कर दिया। बस यही बात उस सिरफिरे लड़के को बर्दाश्त नहीं हुई। रिजेक्शन के गुस्से में उसने Sharmila पर हमला किया और उनकी जान ले ली।
शातिर दिमाग: लाश को जलाने की कोशिश
हत्या करने के बाद आरोपी ने इसे 'नेचुरल डेथ' दिखाने के लिए एक फिल्म जैसा प्लान बनाया। उसने फ्लैट में आग लगा दी ताकि दुनिया को लगे कि आग लगने से दम घुटने के कारण मौत हुई है और कत्ल के सारे निशान जलकर खाक हो जाएं। लेकिन फॉरेंसिक साइंस की टीम ने उसकी इस चाल को नाकाम कर दिया।
मोहल्ले में सन्नाटा, परिवार सदमे में
Sharmila
Kushalappa एक पढ़ी-लिखी और अपने काम में माहिर Software Engineer थीं। Bengaluru जैसे शहर में एक सुरक्षित इलाके में उनके साथ ऐसी वारदात होना, कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल उठाता है। मोहल्ले के लोग भी डरे हुए हैं कि कैसे एक कम उम्र का छात्र ऐसी हिंसक मानसिकता वाला हो सकता है।
Police की कार्रवाई (Police Action)
Police ने आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया है। मामला नाबालिग से जुड़ा हो सकता है, इसलिए Police फूंक-फूंक कर कदम रख रही है और कानूनी पहलुओं को देख रही है। Subramanya Layout Police स्टेशन में हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Bengaluru की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे समाज में युवाओं की मानसिकता किस ओर जा रही है। 'रिजेक्शन' को न झेल पाना और हिंसा का सहारा लेना एक बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है। Sharmila Kushalappa को अब शायद ही वापस लाया जा सके, लेकिन उनके कातिल को कानून के दायरे में लाकर सख्त सजा मिलना बहुत जरूरी है।
आप इस घटना के बारे में क्या सोचते हैं? क्या आज के दौर में पड़ोसियों पर भी भरोसा करना मुश्किल होता जा रहा है? कमेंट में अपनी राय जरूर दें।
