Betul के Sawanga village से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 

एक 25 साल का नौजवान, जो कभी अपने स्कूल और गाँव का Topper था, जिसके Class 12 के शानदार मार्क्स देखकर हर किसी को लगता था कि वह कोई बड़ी Government Job निकालेगा, वही लड़का अपने ही परिवार का काल बन गया।

Betul triple murder case house crime scene Deepak Dhurve arrested

Giraftari  की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि कैसे एग्जाम का प्रेशर, बार-बार मिलने वाली नाकामी और मानसिक बीमारी (Mental Health) को इग्नोर करना एक हंसते-खेलते परिवार की बर्बादी का कारण बन गया।

The Bright Student Turned Killer: कौन है Deepak Dhurve?

आरोपी का नाम Deepak Dhurve (25) है। वह पढ़ाई में बहुत तेज़ था और उसे सरकारी नौकरी पाने की धुन सवार थी। लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) में लगातार मिलने वाले फेलियर (Failures) ने उसकी मानसिक स्थिति को अंदर ही अंदर खोखला कर दिया।

महत्वाकांक्षा (Ambition) का जो प्रेशर उसे आगे बढ़ने के लिए मिला था, वही प्रेशर धीरे-धीरे एक गंभीर मानसिक बीमारी में बदल गया।

"Shaitan" का साया और Mental Breakdown

परिवार के रिश्तेदारों और पड़ोसियों के मुताबिक, Deepak की दिमागी हालत पिछले कुछ समय से काफी खराब चल रही थी। उसे अक्सर दौरे ("Fits") पड़ते थे।

वह अजीब और डरावनी बातें करने लगा था। उसका दावा था कि उसके अंदर कोई "Shaitan" (शैतान) घुस गया है। लेकिन दुर्भाग्य से, हमारे समाज में मेंटल हेल्थ को अक्सर भूत-प्रेत या मामूली बात समझकर इग्नोर कर दिया जाता है। किसी ने भी उसकी इस बिगड़ती दिमागी हालत का सही डॉक्टरी इलाज नहीं करवाया, और यही लापरवाही सबसे भारी पड़ी।

The Night of Horror: उस रात घर में क्या हुआ?

फरवरी की उस मनहूस रात को, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था, Deepak Dhurve का मानसिक संतुलन पूरी तरह से टूट गया।

पुलिस के मुताबिक, उसने घर में रखा एक लोहे की रॉड (Iron Rod) और सब्बल (Sabbal) उठाया और अपने ही परिवार पर टूट पड़ा।

  • उसने सबसे पहले अपने 20 साल के छोटे भाई Dilip पर बेरहमी से हमला किया।
  • फिर उसने अपने पिता Raju (Hansu) Dhurve और माँ Kamalti को मौत के घाट उतार दिया।
  • गुस्से और पागलपन में अंधा होकर उसने घर की पालतू बिल्ली (Family Cat) को भी नहीं छोड़ा और उसे भी मार डाला।

Prime Witness: 5 साल का मासूम भतीजा

इस पूरे खूनी तांडव में घर के अंदर सिर्फ़ एक ही इंसान ज़िंदा बचाउसका 5 साल का मासूम भतीजा।

उसी छोटे से बच्चे की आँखों के सामने यह सब कुछ हुआ। आज वही मासूम इस भयानक Betul Murder केस का सबसे मुख्य और इकलौता चश्मदीद गवाह (Prime Witness) है। चाचा के उस राक्षसी रूप को देखकर वह बच्चा किस ट्रॉमा (Trauma) से गुज़र रहा होगा, इसका अंदाज़ा लगाना भी किसी आम इंसान के बस की बात नहीं है।

Arrest और Gwalior के Special Cell में शिफ्टिंग

घटना की भनक लगते ही Kotwali Police Station की टीम मौके पर पहुंची और Deepak को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन गिरफ्तारी के बाद भी उसका हिंसक व्यवहार (Violent behavior) शांत नहीं हुआ।

वह इतना अग्रेसिव था कि Betul Jail में उसे संभालना और दूसरे कैदियों के साथ रखना नामुमकिन हो गया। उसकी खतरनाक मानसिक स्थिति को देखते हुए, डॉक्टर्स की सलाह पर उसे Judicial Custody के तहत Gwalior के एक स्पेशल मेंटल हेल्थ सेल (Special Mental Health Cell) में शिफ्ट कर दिया गया है।

Giraftari   का सवाल: ज़िम्मेदार कौन?

यह घटना सिर्फ एक ट्रिपल मर्डर केस नहीं है। यह हमारे एजुकेशन सिस्टम, समाज और पेरेंट्स की सोच पर एक बहुत बड़ा तमाचा है। Giraftari के इस मंच से आज हम कुछ कड़वे सवाल पूछ रहे हैं:

  1. क्या Marks और Merit का प्रेशर किसी की ज़िंदगी से बड़ा है?
  2. क्यों हम Government Exams के फेलियर को एक इंसान की पूरी ज़िंदगी का फेलियर मान लेते हैं?
  3. जब Deepak मानसिक रूप से टूट रहा था और उसे "Fits" रहे थे, तब समाज ने उस "Slow mental breakdown" को सीरियसली क्यों नहीं लिया?

Sawanga village के उस छोटे से घर का सन्नाटा आज हर माता-पिता और छात्र के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। एम्बिशन (Ambition) होना अच्छी बात है, लेकिन जब वह एम्बिशन एक जानलेवा प्रेशर बन जाए, तो उसे वहीं रोक देना चाहिए। एक नौकरी या एग्जाम किसी इंसान की जान से बढ़कर नहीं हो सकता।