Lucknow की सड़कों पर रफ़्तार का कहर एक बार फिर एक मासूम की जान का दुश्मन बन गया।

Kanpur Road पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक Class 12 Student की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को मातम में डुबो दिया।


एक
तेज़ रफ़्तार कार (Speeding Car) ने पैदल चल रहे लोगों को कुचल दिया, जिसमें 6 साल के मासूम Dikshant Patel की दर्दनाक मौत हो गई और 5 अन्य लोग बुरी तरह घायल (Injured) हो गए।

आइये जानते हैं कि Hanuman Temple के पास उस वक़्त आखिर हुआ क्या था।

रफ़्तार, लापरवाही और एक मासूम की मौत

यह हादसा Lucknow के Kanpur Road स्थित Hanuman Temple के पास हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक, सड़क पर काफी चहल-पहल थी। 6 साल का Dikshant Patel अपनी माँ और दादी (Grandmother) के साथ पैदल जा रहा था।

तभी अचानक एक बेकाबू कार आई। कार की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि ड्राइवर, जो कि एक Class 12 Student बताया जा रहा है, ने गाड़ी पर से अपना कंट्रोल (Control) खो दिया।

कार सीधा पैदल चल रहे लोगों पर चढ़ गई। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि Dikshant और उसके परिवार वाले हवा में उछलकर दूर जा गिरे।

Hospital में तोड़ा दम

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को संभाला और पुलिस को सूचना दी। खून से लथपथ Dikshant Patel और बाकी घायलों को पास के हॉस्पिटल ले जाया गया।

डॉक्टर्स ने Dikshant को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि इलाज के दौरान (During Treatment) उसने दम तोड़ दिया। सोचिये उस माँ पर क्या बीत रही होगी जिसके सामने उसकी गोद सूनी हो गई।

5 अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल

इस हादसे में सिर्फ़ Dikshant ही शिकार नहीं बना, बल्कि 5 और लोग भी घायल हुए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • Dikshant की माँ और दादी।
  • एक 12 साल का लड़का।
  • और वहां से गुज़र रहीं कुछ महिलाएं।

सभी घायलों का इलाज चल रहा है, लेकिन इस घटना ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया है।

नाबालिग हाथों में स्टेयरिंग (Underage Driving)

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कार चलाने वाला आरोपी एक Class 12 Student है। यह मामला सिर्फ़ एक एक्सीडेंट का नहीं, बल्कि Underage Driving और अभिभावकों (Parents) की लापरवाही का भी है।

जब हम कम उम्र के बच्चों को गाड़ियाँ थमा देते हैं, तो हम सिर्फ़ उनकी जान जोखिम में नहीं डालते, बल्कि सड़क पर चलने वाले Dikshant जैसे बेकसूर लोगों की जान भी खतरे में डालते हैं।


Lucknow का यह हादसा एक चेतावनी है। Dikshant Patel तो अब वापस नहीं आएगा, लेकिन क्या हम इससे सबक लेंगे?

  • Parents को समझना होगा कि नाबालिग बच्चों को गाड़ी देना कानूनन जुर्म है।
  • Police को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई (Strict Action) करनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग बुझे।

हम Dikshant के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।