Reels के चक्कर में बुझा घर का चिराग, 23 साल के Sahil Dhaneshra को Minor ने Scorpio से कुचला
Tragic accident in Dwarka, Delhi. 23-year-old Sahil Dhaneshra killed by speeding Scorpio driven by minor making Reels. Minor gets bail for exams.
Delhi की
सड़कों पर "रफ़्तार" और "Reels" का नशा एक
और होनहार छात्र की जान का
दुश्मन बन गया।
Dwarka में
एक दर्दनाक हादसे में 23 साल के Sahil Dhaneshra की जान चली
गई। साहिल एक ब्रिलियंट स्टूडेंट
था, जिसका सपना Manchester (UK) जाकर अपनी Master’s Degree पूरी करना था।
लेकिन एक नाबालिग (Minor) की लापरवाही
ने सब कुछ खत्म
कर दिया।
आरोप
है कि Mahindra Scorpio चला रहा 17 साल
का लड़का और उसकी
बहन गाड़ी के अंदर
Social Media Reels बना
रहे थे, और इसी
"Likes" की भूख ने साहिल
की जान ले ली।
आइये
जानते हैं इस दर्दनाक
हादसे की पूरी कहानी
और Sahil की माँ Anna का
वो बयान जो किसी
भी पत्थर दिल को पिघला
दे।
एक
सपना जो Manchester जाने से पहले ही टूट गया
Sahil Dhaneshra (23) एक
मेहनती छात्र था। उसने अपनी
पढ़ाई पूरी कर ली
थी और जल्द ही
अपनी Master’s
Degree के लिए Manchester की उड़ान भरने
वाला था। घर में
खुशियों का माहौल था,
तैयारियां चल रही थीं।
लेकिन
February 3 को जब वह अपनी
Motorcycle से जा रहा था,
तभी एक तेज़ रफ़्तार
Mahindra Scorpio ने
उसे जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भयानक थी
कि साहिल की मौके पर
ही मौत (Instant Death) हो गई।
Anna ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया:
- Reels
Addiction: उन्होंने
आरोप लगाया कि एक्सीडेंट के वक्त Scorpio चला रहा नाबालिग लड़का और उसकी बहन गाड़ी में High Speed पर Social Media
Reels बना रहे थे।
- Distracted
Driving: रील बनाने के चक्कर में ड्राइवर का ध्यान सड़क पर नहीं था, और इसी लापरवाही ने साहिल को कुचल दिया।
साहिल
की माँ का सवाल
सिस्टम को झकझोरने वाला
है—"क्या मेरे बेटे
की जान की कीमत
कुछ 'Likes' और 'Views' से कम थी?"
Accused: 17 साल
का Minor और Board Exams
पुलिस
जांच में सामने आया
कि Scorpio चलाने वाला लड़का सिर्फ़
17 साल का है।
- No
License: उसके
पास ड्राइविंग लाइसेंस (Driving
License) नहीं
था।
- Parental
Negligence: एक
नाबालिग को इतनी भारी-भरकम SUV देना उसके माता-पिता की बड़ी लापरवाही है।
लेकिन
इस केस में एक
और मोड़ तब आया
जब कोर्ट ने आरोपी नाबालिग
को Interim Bail
(अंतरिम जमानत) दे दी। वजह?
उसे अपने Class 10 Board Exams
देने थे।
यह फैसला Sahil के परिवार के
लिए किसी सदमे से
कम नहीं है। एक
तरफ एक छात्र (साहिल)
है जिसका पूरा भविष्य और
ज़िंदगी खत्म हो गई,
और दूसरी तरफ एक आरोपी
(नाबालिग) है जिसे "एग्जाम"
के नाम पर राहत
मिल गई।
Social Media: जानलेवा
नशा
Dwarka का
यह केस हम सभी
के लिए एक चेतावनी
(Warning) है।
- Parents:
क्या आप जानते हैं कि आपका नाबालिग बच्चा गाड़ी लेकर कहाँ जा रहा है और क्या कर रहा है?
- Youth:
क्या Instagram
Reels और Snapchat
पर कूल दिखने के लिए दूसरों की जान जोखिम में डालना सही है?
Sahil Dhaneshra अब
कभी Manchester नहीं जा पाएगा।
उसका पासपोर्ट, उसका एडमिशन लेटर,
और उसके सपने सब
धरे के धरे रह
गए।
कानून
अपना काम करेगा, लेकिन
हमें एक समाज के
तौर पर सोचना होगा।
Underage Driving और
Reels का यह कॉकटेल और
कितनों की जान लेगा?
इस
घटना पर आपकी क्या राय है? क्या नाबालिग ड्राइवरों के Parents पर हत्या (Culpable Homicide) का केस चलना चाहिए? अपने विचार कमेंट्स में जरूर लिखें।
