Delhi की सड़कों पर "रफ़्तार" और "Reels" का नशा एक और होनहार छात्र की जान का दुश्मन बन गया।

February 3, 2026 की तारीख Dhaneshra परिवार के लिए एक कभी भूलने वाला काला दिन साबित हुई।

Dwarka में एक दर्दनाक हादसे में 23 साल के Sahil Dhaneshra की जान चली गई। साहिल एक ब्रिलियंट स्टूडेंट था, जिसका सपना Manchester (UK) जाकर अपनी Master’s Degree पूरी करना था। लेकिन एक नाबालिग (Minor) की लापरवाही ने सब कुछ खत्म कर दिया।


Delhi Dwarka accident spot Sahil Dhaneshra bike crushed by Scorpio

आरोप है कि Mahindra Scorpio चला रहा 17 साल का लड़का और उसकी बहन गाड़ी के अंदर Social Media Reels बना रहे थे, और इसी "Likes" की भूख ने साहिल की जान ले ली।

आइये जानते हैं इस दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी और Sahil की माँ Anna का वो बयान जो किसी भी पत्थर दिल को पिघला दे।

एक सपना जो Manchester जाने से पहले ही टूट गया

Sahil Dhaneshra (23) एक मेहनती छात्र था। उसने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी और जल्द ही अपनी Master’s Degree के लिए Manchester की उड़ान भरने वाला था। घर में खुशियों का माहौल था, तैयारियां चल रही थीं।

लेकिन February 3 को जब वह अपनी Motorcycle से जा रहा था, तभी एक तेज़ रफ़्तार Mahindra Scorpio ने उसे जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भयानक थी कि साहिल की मौके पर ही मौत (Instant Death) हो गई।



Anna ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया:

  • Reels Addiction: उन्होंने आरोप लगाया कि एक्सीडेंट के वक्त Scorpio चला रहा नाबालिग लड़का और उसकी बहन गाड़ी में High Speed पर Social Media Reels बना रहे थे।
  • Distracted Driving: रील बनाने के चक्कर में ड्राइवर का ध्यान सड़क पर नहीं था, और इसी लापरवाही ने साहिल को कुचल दिया।

साहिल की माँ का सवाल सिस्टम को झकझोरने वाला है—"क्या मेरे बेटे की जान की कीमत कुछ 'Likes' और 'Views' से कम थी?"

Accused: 17 साल का Minor और Board Exams

पुलिस जांच में सामने आया कि Scorpio चलाने वाला लड़का सिर्फ़ 17 साल का है।

  1. No License: उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) नहीं था।
  2. Parental Negligence: एक नाबालिग को इतनी भारी-भरकम SUV देना उसके माता-पिता की बड़ी लापरवाही है।

लेकिन इस केस में एक और मोड़ तब आया जब कोर्ट ने आरोपी नाबालिग को Interim Bail (अंतरिम जमानत) दे दी। वजह? उसे अपने Class 10 Board Exams देने थे।

यह फैसला Sahil के परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। एक तरफ एक छात्र (साहिल) है जिसका पूरा भविष्य और ज़िंदगी खत्म हो गई, और दूसरी तरफ एक आरोपी (नाबालिग) है जिसे "एग्जाम" के नाम पर राहत मिल गई।

Social Media: जानलेवा नशा

Dwarka का यह केस हम सभी के लिए एक चेतावनी (Warning) है।

  • Parents: क्या आप जानते हैं कि आपका नाबालिग बच्चा गाड़ी लेकर कहाँ जा रहा है और क्या कर रहा है?
  • Youth: क्या Instagram Reels और Snapchat पर कूल दिखने के लिए दूसरों की जान जोखिम में डालना सही है?


Sahil Dhaneshra अब कभी Manchester नहीं जा पाएगा। उसका पासपोर्ट, उसका एडमिशन लेटर, और उसके सपने सब धरे के धरे रह गए।

कानून अपना काम करेगा, लेकिन हमें एक समाज के तौर पर सोचना होगा। Underage Driving और Reels का यह कॉकटेल और कितनों की जान लेगा?


इस घटना पर आपकी क्या राय है? क्या नाबालिग ड्राइवरों के Parents पर हत्या (Culpable Homicide) का केस चलना चाहिए? अपने विचार कमेंट्स में जरूर लिखें।