Delhi की सड़कें क्या अब "Death Traps" बन गई हैं? West Delhi के Janakpuri इलाके से एक ऐसी खबर आई है जिसने प्रशासन की पोल खोल कर रख दी है। 

यहाँ एक 25 साल के युवक, Kamal, की दर्दनाक मौत सिर्फ़ इसलिए हो गई क्योंकि सड़क पर एक गहरा गड्ढा (Open Pit) खुला छोड़ दिया गया था।

यह गड्ढा Delhi Jal Board (DJB) के एक कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट के लिए खोदा गया था। लेकिन सुरक्षा के इंतज़ाम होने के कारण, Kamal अपनी Motorcycle समेत उस गड्ढे में जा गिरे।


February 6, 2026 की सुबह जब उनकी Dead Body बरामद हुई, तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आइये जानते हैं इस हादसे की पूरी डिटेल्स और प्रशासन की लापरवाही की कहानी।

अंधेरे में मौत का कुआं: क्या हुआ था उस रात?

पुलिस के मुताबिक, यह घटना देर रात (Late Night) की है। Kamal अपनी Motorcycle पर सवार होकर घर लौट रहे थे। Janakpuri के उस रास्ते पर Delhi Jal Board (DJB) का काम चल रहा था, जिसके लिए एक बड़ा और गहरा गड्ढा (Excavation) खोदा गया था।

चश्मदीदों और रिपोर्ट्स का कहना है कि वहां तो कोई प्रॉपर Barricading थी और ही कोई रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड (Signage) जो यह बता सके कि आगे खतरा है। अंधेरे में Kamal को वह गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वह अपनी बाइक के साथ सीधा नीचे जा गिरे।

February 6 की सुबह: Body और Bike बरामद

रात भर किसी को इस हादसे की खबर नहीं लगी। February 6, 2026 की सुबह जब लोगों ने गड्ढे में एक बाइक और एक युवक को देखा, तो पुलिस को सूचित किया।

Police और Civic Authorities ने मौके पर पहुंचकर Kamal और उनकी Motorcycle को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित (Declared Dead) कर दिया। एक लापरवाही ने Kamal के परिवार को ज़िंदगी भर का गम दे दिया।

जिम्मेदार कौन? (Who is Responsible?)

इस घटना ने Public Safety और Civic Agencies की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  1. Safety Protocols: किसी भी कंस्ट्रक्शन साइट पर Barricading और लाइट्स होना अनिवार्य है। यहाँ यह क्यों नहीं था?
  2. Negligence: क्या Delhi Jal Board (DJB) या उनके ठेकेदार (Contractor) की गलती के लिए उन पर Criminal Negligence का केस नहीं चलना चाहिए?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब West Delhi में खुले गड्ढे (Open Pits) हादसों का कारण बने हैं। प्रशासन अक्सर काम शुरू तो कर देता है, लेकिन सुरक्षा को भगवान भरोसे छोड़ देता है।

 कब जागेगा प्रशासन?

Kamal की मौत कोई एक्सीडेंट नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी है। एक 25 साल का नौजवान, जिसके पास पूरी ज़िंदगी पड़ी थी, वह प्रशासन की सुस्ती की भेंट चढ़ गया।

हम उम्मीद करते हैं कि Delhi Police इस मामले में सख्त जांच (Investigation) करेगी और दोषी अधिकारियों या ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। Kamal के परिवार को सिर्फ़ मुआवजा (Compensation), बल्कि इंसाफ भी मिलना चाहिए।

 

Admin
Jan 18
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